समाज सुधार में शिक्षकों की भूमिका अहम

Jan 10, 07:32 pm

बहादुरगढ़, जागरण संवाद केंद्र : समाज को सुधारने के लिए आदर्श शिक्षकों की आवश्यकता है क्योंकि शिक्षक ही समाज शिल्पी हैं। यह विचार प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू के राजयोगी ब्रह्मकुमार भगवान ने व्यक्त किए। वे पीडीएम पोलिटेक्निक में अध्यापकों को आदर्श शिक्षक विषय पर संबोधित कर रहे थे।

भगवान भाई ने कहा कि आज की बिगड़ती परिस्थिति को देखते हुए समाज को सुधारने की बहुत आवश्यकता है। वर्तमान के छात्र भावी समाज है। अगर भावी समाज को आदर्श बनाना है तो छात्राओं को भौतिक शिक्षा के साथ नैतिक आचरण पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक वही है जो अपने जीवन की धारणाओं से दूसरों को शिक्षा देता है। धारणाओं से विद्यार्थियों में बल भरता है। जीवन की धारणाओं से वाणी, कर्म, व्यवहार और व्यक्तित्व में निखार आ जाता है। शिक्षा देने के बाद भी अगर बच्चे बिगड़ रहे है तो इसका मतलब मूर्तिकार में भी कुछ कमी है। शिक्षकों को केवल पाठ पढ़ाने वाला शिक्षक नहीं बल्कि समाज को श्रेष्ठ मार्ग दर्शन देने वाला शिक्षक बनना है। उन्होंने कहा कि शिक्षक होने के नाते हमारे अंदर सद्गुण होना आवश्यक है। किताबी ज्ञान के साथ-साथ बच्चों को अपने जीवन की धारणाओं के आधार पर नैतिक पाठ भी आवश्यक पढ़ाना चाहिए। शिक्षकों के हाव-भाव, उठना, बोलना, चलना व व्यवहार करना इन बातों का असर भी बच्चों के जीवन में पड़ता है। उन्होंने कहा कि अब समाज को शिक्षित करने का शिक्षा देने के स्वरूप को बदलने की आवश्यकता है। स्वयं के आचरण से शिक्षा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज को सुधारने की अहम भूमिका शिक्षकों की है। प्राचीन भारत में स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी जैसे महान पुरुष समाज में शिक्षक के रूप में थे। हमें विद्यार्थियों को नैतिकता का पाठ पढ़ाकर उन्हे गुणवान, चरित्रवान, दिव्य, संस्कारवान बनाने की आवश्यकता है। वहीं स्थानीय ब्रह्मकुमारी राजयोग सेवा केंद्र के ब्रह्मकुमार संदीप भाई ने कहा कि एक दीपक से पूरा कमरा प्रकाशित होता है। इसी तरह एक शिक्षक से हजारों बच्चे शिक्षित होते है और वे उजाले का काम करते है। प्राचार्य एमएम शर्मा ने कहा कि वर्तमान की परिस्थितियों को परिवर्तन करने की जिम्मेवारी शिक्षकों की है। शिक्षकों को स्वयं के आचरण पर ध्यान देने के लिए अध्यात्मिक ज्ञान के साथ-साथ तनाव मुक्त रहने की आवश्यकता है। इस मौके पर ओपी रुहिल व राजपाल उपस्थित रहे।