चिंतन तनाव का कारण : भगवान भाई

भास्कर न्यूज त्न बाड़मेर

दूसरों की कमियों को देखना, उसी के बारे में सोचना यह आदत हानिकारक है। पर चिंतन पतन की ओर ले जाता है। जो पर चिंतन करता है वह जीवन में कभी भी सुखी नहीं रह सकता। यह बात प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू से आए राजयोगी ब्रह्मा कुमार भगवान भाई ने सेवा केंद्र में कही। स्व चिंतन विषय पर बोलते हुए उन्होंने कहा पर चिंतन करने वाला व दूसरों को देखने वाला हमेशा तनाव में रहता है। पर चिंतन करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा हम अपनी आंतरिक कमजोरियों की जांच कर उसका परिवर्तन कर सकते हैं। स्व चिंतन ही उन्नति की सीढ़ी है। भगवान भाई ने कहा हमारा जीवन हंस की तरह अंदर-बाहर स्वच्छ रखने की जरूरत है। गुणवान व्यक्ति ही समाज व देश की असली संपत्ति है। उन्होंने कहा सहनशीलता के आचरण से ही व्यक्ति महानता को प्राप्त कर सकता है। ब्रह्मकुमारी राजयोग सेवा केंद्र की बी.के सिंधु बहन ने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान की सकारात्मक बातों का चिंतन करने से हम आंतरिक शक्तियों को जागृत कर अपना आत्मबल, मनोबल बढ़ा सकते हैं।